गर्ल्स! समय है खुद का रक्षक बनने का

इस पोस्ट को लिखने की प्रेरणा हमारे देश इंडिया की राजधानी दिल्ली में 16 दिसम्बर 2012 को चलते बस में हुए बलात्कार की घटना से मिल रही है मुझे। जिसका बलात्कार हुआ वो लड़की अपनी ज़िन्दगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। यद्यपि उसने कहा है कि वो जीना चाहती है मगर उसकी स्थिति बहुत ही नाज़ुक है। डॉक्टर्स रोज़ ही उसे बचाने की जद्दोजहद में जूझ रहे हैं, कितने ही सारे परिवार उसके लिए प्रार्थना कर रहे हैं, पूरे देश में बगावत और विरोध का भूचाल सा आया हुआ है, न जाने कितने ही सारे आर्टिकल्स और पोस्ट इस घटना पे लिखे जा चुके हैं और इन सबसे कहीं ज्यादा, करोड़ों दिल उस लड़की के साथ हुए इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना होने की वजह से रो रहे हैं जिसे हमारे ही समाज के किन्ही 6 कुत्सित सोच वाले इंसानों ने किया है। दिल्ली, जिसे हम हमारे देश का दिल कहते हैं, अब बलात्कार की घटनाओं के मामले में नंबर वन बन चूका है। देश के तमाम कोनों से लोग सुनहरे अवसर और बेहतर लाइफ स्टाइल की कल्पना लिए यहाँ दिल्ली में आते हैं मगर नतीजा साफ़ साफ़ दिख रहा है। ऐसी घटनाओं से भरा पड़ा ये शहर राई के बदले कितने ही मुश्किलों के पहाड़ हमें दे रहा है। ये ना जाने कितनी ही लड़कियों की ज़िन्दगी ले रहा है,अनगिनत और शर्मनाक जुर्म को दिन के हर एक मिनट में घटते हुए चुपचाप देख रहा है। लड़कियों को कितने ही तरीकों से प्रताड़ित किया जाता है जैसे ईव-टीजिंग, छेड़छाड़, अपहरण, यौन उत्पीडन, पुरुषों के गुस्सा और ना भूलने वाली बलात्कार की घटनाएं। लोगों में गुस्सा पनपता है, वो विरोध करते हैं, नए और कड़े कानून बनाने की इच्छा ज़ाहिर करते हैं, सड़कों पर नारे लगाते, rallies निकालते हैं, सरकार मदद का दावा करती है मगर अगर सच कहा जाए तो कुछ दिनों बाद ये सब बेकार लगने लगता है और सारी कोशिशें बर्बाद हो जाती हैं। हमारे देश में ये पहले भी हुआ है और फिर से ऐसा ही होगा। हम सभी अपनी अपनी दुनिया में मशगूल हो जायेंगे। ये हमारी मानसिक स्थिति का क्रूर सच है।

आज सरकार पुलिस की पहरेदारी यानी patrolling, उनकी संख्या बढाने का, कड़े क़ानून जैसे chemical castration (यानी नपुंसक बनाना), आरोपियों को capital punishment (फांसी) इत्यादि जैसे आश्वासन दे रही है मगर क्या हम लड़कियां दिन के हर एक पल में सुरक्षित रह सकती हैं? क्या कोई नजदीकी पुलिसमैन हम तक तब तक पहुँच सकता है जब तक कोई लड़का हम पर यौन सम्बन्धी ताने मार कर रफूचक्कर हो जाए? नहीं। तब हमें क्या करना चाहिए जब कोई हमारी सुरक्षा की guarantee नहीं दे सकता? हम सबको पता है कि हमें क्या करना चाहिए। हमें अपने आप को मजबूत बनाना होगा। हमें हमारी हर एक नस को  छोटे मोटे दर्द को सहने के लिए तैयार करना होगा। हमें अपना खुद का बॉडी गार्ड बनना होगा। शारीरिक रूप से लड़कियों के लिए किसी लड़के पर विजय पाना थोडा मुश्किल है मगर अगर हम अपने आप को इतना मजबूत और योग्य बनाएं कि हम अपने आक्रमणकर्ता के दिमाग पर आक्रमण करके उसे कमज़ोर बना दे तब हमारी कमजोरी हमारी बाधक नहीं बन सकेगी।



इसके लिए मैंने इन्टरनेट पे थोड़ी रिसर्च की कि किस तरह से हम लड़कियां खुद की रक्षा कर सकती हैं और मुझे जो मिला वो यहाँ नीचे उल्लेखित है। इन उपायों से हम अपने आप को ना सिर्फ अपने देश में वरन दुनिया के किसी भी कोने में होने वाले हमारे खिलाफ अत्याचार से खुद को महफूज़ रख सकते हैं। हमारी शक्ति ही हमारा हथियार बने और हम अपनी रक्षा स्वयं कर सकें।

सुरक्षा टिप # 1 अनजान लोगों से दूरी बनाये रखें। किसी भी हालत में किसी भी अनजान शख्स को अपनी गाड़ी में लिफ्ट न दें और न ही उससे बात करें भले ही वो कितना ही अच्छा क्यों न लग रहा हो। मैं ये नहीं  कहती कि हर एक लड़का बुरा है मगर आप नहीं जान सकती कि भेड़ की खाल में छुपा इंसान भेड़िया है या नहीं।

सुरक्षा टिप # 2 आसानी से दोस्त ना बनाएं। इन दिनों लड़कियां हर उस लड़के के प्यार में पड़ने लगती हैं जिससे वो किसी डिस्को, पब, या रेस्टोरेंट में मिलती हैं। आमतौर पर बुरे लड़के किसी लड़की की तलाश में रहते हैं और अपनी इच्छाएं पूरी करने के लिए उससे बेहद मीठी मीठी बातें करते हैं। जब भी कोई लड़का आपके पहनावे या व्यवहार आदि के बारे में कुछ ज्यादा ही बढ़ा चढ़ा कर बात करे, वहां से खिसक लेने में ही भलाई है।
सुरक्षा टिप # 3 जब भी कहीं बाहर जायें, ग्रुप में जायें। अगर ग्रुप नहीं है तो किसी को साथ लेके जायें। आजकल लड़कियां अपनी बेबाकी, लापरवाही, और कहीं भी पूरे विश्वास के साथ अकेले जाने के स्वच्छंद व्यवहार को दिखाने में ज्यादा ही विश्वास करती हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि अगर वो अपने पिता, भाई या किसी रिश्तेदार को साथ लेके बाहर गयीं तो उनके मैं-अकेले-जा-सकती-हूँ के अहम् को चोट पहुंचेगा। अपने अहम् की चिंता मत करें और किसी विश्वसनीय इंसान को साथ लेके ही बाहर जायें।

सुरक्षा टिप # 4 अपने साथ हमेशा कोई चाकू, कैंची, pepper spray या ऐसी कोई चीज़ साथ रखें जिससे आप अपने attacker पर इस्तेमाल कर सकें मगर अगर ये बात सिर्फ आप तक ही रहे तो बेहतर है। इसे गुप्त ही रखें। अगर आपके पास कोई ऐसा स्प्रे नहीं है तो घबराएं नहीं। कोई भी Deo या परफ्यूम ऐसा काम कर सकता है। ये बेहद ज्वलनशील और आँखों को नुक्सान पहुंचाने वाले रसायन होते हैं। बस आपको ज़रुरत है समय पड़ने पर फुर्ती दिखाने की।

सुरक्षा टिप # 5 सभ्य कपडे पहनें। ये शायद कितनी ही लड़कियों को सुनने में बुरा लगे और मैं भी इस बात को नहीं मानती कि कपडे ही एकमात्र वजह होते हैं बलात्कार जैसे जुर्म होने का। लड़कियां या औरतें जो हर समय अपने शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनती हैं उनके साथ भी जुर्म होते हैं मगर इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि अपने वक्ष स्थल को दिखाना, खूबसूरत पीठ की नुमाइश करना, लम्बे पतले पैरों या शरीर के दुसरे हिस्सों को दिखाना किसी भी लड़के को उत्तेजित कर सकता है। कपडे किसी भी लड़के को उत्तेजित करने में उतने ही सहायक होते हैं जितना कि लड़कियों का लापरवाह व्यवहार।

सुरक्षा टिप # 6 अगर आप किसी सार्वजनिक परिवहन यानी public transport से सफ़र कर रही हैं तो उस परिवहन के नंबर प्लेट की और ड्राईवर की डिटेल्स नोट कर लें। अगर नहीं तो बैठते ही ये डिटेल्स किसी और को फ़ोन पर सूचित कर दें। ऐसा हर बार करना काफी अजीब सा लगेगा मगर बलात्कार जैसी घटनाएं बस एक बार ही काफी होती हैं आपकी पूरी ज़िन्दगी को बदल देने के लिए।

सुरक्षा टिप # 7 मीडिया जैसे T .V., इन्टरनेट वगैरह भी कुछ हद तक लड्कियीं के खिलाफ बढ़े जुर्म में सहायक हैं। जहाँ आप इस पर 100% नियंत्रण नहीं रख सकते, वहीँ आप इसका लाभ उठाएं। फेसबुक पर हर वक़्त स्टेटस चेक करने के बजाय अपने आप को सुरक्षित रहने के तरीके ढूँढें। इन्टरनेट एक बहुत ही उम्दा साधन है किसी बुरी स्थिति में लड़ने के उपायों को जाने का अगर इसे सही तरीके से इस्तेमाल में लाया जाए।

सुरक्षा टिप # 8 रोज़ exercise करें। अगर आप अपनी फिटनेस के लिए चिंतित नहीं रहते तब तो आप किसी भी खतरे में अपनी सुध बुध खो बैठते होंगे। रोज़ाना अभ्यास करने से शरीर की हर नस मजबूत होगी और इससे हमारा शरीर और भी मजबूत बनेगा। अगर आपका हाथ थोडा सा कट जाने पर आप आंसू बहाना चालू कर देते हैं तो समय आ गया है कि अपने आप को ठीक किया जाए। आस पास के किसी जिम, एरोबिक्स या योग क्लासेज, डांसिंग वगैरह ज्वाइन करें। कुंग फु और martial आर्ट्स सीखना भी सर्वोत्तम उपायों में से एक है। 

सुरक्षा टिप # 9 देर रात कहीं भी रुकना खतरे से खाली नहीं रहा अब। कभी भी देर रात कहीं न रुकें। इन दिनों जब लड़कियां शाम में सुरक्षित नहीं तो रात में रुकने की बात को तो भूल ही जायें।

सुरक्षा टिप # 10 किसी भी पार्टी में शराब या ड्रग्स आदि ना लें। मुझे पता है की शराब पीना जैसी चीज़ें high सोसाइटी में होने का एक फैशन सा है मगर जब आपके उपर कोई मुसीबत आएगी तो यही तथाकथित हाई सोसाइटी फ्रेंड्स आपका साथ सबसे पहले छोड़ के रफूचक्कर हो जायेंगे। कोई सॉफ्ट ड्रिंक लें मगर तब भी सावधान रहे। आप नहीं जानती कि आपका ड्रिंक सही है या उसमे कोई नशीली या उत्तेजित करने वाला पदार्थ मिला है।

सुरक्षा टिप # 11 अगर आप पार्टी से निकलते समय अकेले हैं तो अपने किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को फ़ोन करके बुला लें। किसी और लड़के के साथ या अपने दोस्त के दोस्त के साथ बाइक वगैरह पे जाना खतरनाक हो सकता है।

सुरक्षा टिप # 12 अगर आप रोजाना किसी जगह जैसे ऑफिस को जाते हैं तो अपना रास्ता बदलते रहे। पीछा करने वाले लोग आपके आने जाने वाले रास्तों पर नज़र लगाये रहते हैं और समय देख कर अपना वार करते हैं। अगर आपके पास ज्यादा options नहीं हैं तो आप किसी को अपने साथ लेकर जायें या अगर ये भी संभव नहीं तो अपने साथ कोई नुकीली धारदार चीज़ें साथ में रखें जैसा की सुरक्षा टिप # 4 में बताया गया है।

सुरक्षा टिप # 13 अगर कोई लड़का आपका पीछा कर रहा है तो बजाय भागने के उसकी तरफ मुड़ें और कोई सवाल पूछ लें जैसे समय क्या हुआ है। मनोविज्ञान कहता है कि जब पीछा करने वाले लोगों से उनका संभावित शिकार कोई सवाल पूछ लेता है तो उनके गलत इरादे ठन्डे हो जाते हैं। अपने बचाव के लिए थोडा समय ले लेना कोई बुरी बात नहीं है। और आप उसे अपने हाथ की किसी वस्तु से उसपर वार कर सकते हैं जैसे बोतल, बैग, जूते इत्यादि। ध्यान रखें कि आपका वार ज़ोरदार हो।

सुरक्षा टिप # 14 अपने बच्चों को हिदायत दें कि घर का दरवाज़ा खुला न छोडें। ये क्रिमिनल्स को अटैक करने का मौका देता है। बच्चों को सुरक्षित रहने के तरीके  सिखाएं।

सुरक्षा टिप # 15 अपने मोबाइल फ़ोन पर स्पीड डायल की सुविधा इस्तेमाल में लायें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में एक नंबर दबाने भर की देर है कि आपका परिवार आपके फ़ोन के दूसरी तरफ होगा। कुछ मोबाइल्स में ऐसी सुविधा भी होती है कि किसी बटन को तीन बार दबाये जाने पर एक इमरजेंसी मेसेज अपने आप चला जाता है। अपने मोबाइल का एक और सदुपयोग करें।

सुरक्षा टिप # 16 इमरजेंसी नंबर्स को याद रखें। मैं यहाँ नीचे कुछ इमरजेंसी नंबर्स दे रही हूँ:

Police -- 100
Fire brigade -- 101
Ambulance -- 102 
Child Helpline facility in Delhi -- 1098

चूँकि दिल्ली अब लड़कियों के लिए सबसे ज्यादा असुरक्षित जगह बन गयी है तो ये नंबर्स ध्यान में रखें: Delhi helpline numbers

अगर आप Chennai में रहते हैं तो ये नंबर्स ध्यान रखें: Chennai helpline numbers

अगर आप Karnataka में रहते हैं तो ये नंबर्स ध्यान रखें: Karnataka Helpline numbers

अगर आप किसी भी देश का इमरजेंसी नंबर चाहते हैं तो इस लिंक पैर जायें: International Emergency Numbers

उम्मीद है कि उपर दिए गए नंबर्स आपके लिए फायदेमंद रहेंगे।

सुरक्षा टिप # 17 अपने शरीर की मूल बातों का इस्तेमाल करें। अपने attacker के ग्रोइन (पेट और जांघ के बीच का हिस्सा) पर प्रहार करें। इससे उसे बहुत दर्द होगा और उसे उसकी नानी दादी सब याद दिला देगा। अगर वो आपका हाथ पकड़ ले तो अपने हाथ को जितना हो सके उतनी शक्ति से ट्विस्ट करें या घुमाएं और उसके पेट या पैर पर ज़ोरदार प्रहार करें। अगर वो आपको सामने से पकडे तो अपने सर से उसके सर पर चोट करें (खुद को हुए दर्द तो नज़रंदाज़ करें). और अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गयी विडियो क्लिप्स देखें:





मगर फिर भी अगर आप क्रिमिनल की पकड़ में आ गयी हैं तो तुरंत ही किसी बीमारी से ग्रसित होने का बहाना बनाएं। नाटक करें कि आपको कोई जानलेवा छुआछुत की बीमारी है और आपको नुक्सान पहुँचाने से उसको भी ये बीमारी हो सकती है। ये बहुत ही सावधानी से किया जाने वाला काम है जिसे आप अपने दिमाग के इस्तेमाल से कर सकती हैं। इस तरह से वो अपने जान की परवाह ज्यादा करेंगे ना कि आपको नुक्सान पहुंचाने की।

अपराधियों और हमारे समाज की छोटी मानसिकता को कोसने के बजाय मैंने कुछ सुरक्षा टिप्स दिए हैं। जुर्म को ना कहें और सुरक्षा का साथ दें। अगर आप मेरा पोस्ट पढ़ रहे हैं और आप पुरुष वर्ग से हैं तो ये मेसेज अपनी बहनों, दोस्तों और रिश्तेदारों में बाटें। ये हमारे देश में होने वाले जुर्म की संख्या को कम करने में मदद कर सकता है। आज उन अपराधियों के परिवार ये कह रहे हैं की अगर उन्हें दोषी पाया गया तो फांसी पे लटका दो। अगर आप नहीं चाहते की आपका परिवार भी आपसे इस हद तक नफरत करे तो लड़कियों/महिलाओं की इज्ज़त करें।

इसी पोस्ट को ENGLISH में यहाँ पढ़ें: Girls! Time to be your own bodyguard























































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