27 May 2017

कैसा होना चाहिए एक शिक्षक को

आज दोपहर में जब मैं टीवी देखने बैठी तो The Millers (द मिलर्स) आ रहा था। वैसे तो मुझे The Middle या Friends देखना ज़्यादा पसंद है मगर द मिलर्स भी अच्छा लगा। इस एपिसोड में एक अभिमानी महिला शिक्षक अपने विद्यार्थियों द्वारा उसके लिए वैलेंटाइन डे पर लिखे गए प्रशंसा पर अभिभावकों के सामने काफी इतरा रही थी। वहीँ हॉल में भूतपूर्व शिक्षक भी  मौजूद थी (वो भी एक महिला ही थी) . जब वर्त्तमान महिला शिक्षक अपनी तारीफ करने में मशगूल थी, भूतपूर्व महिला शिक्षक सोच रही थी कि उसके किसी विद्यार्थी ने उसके लिए कभी अच्छा क्यों नहीं कहा। वर्त्तमान शिक्षक के बड़बोलेपन से तंग आकर, वो भूतपूर्व शिक्षक नाराज़  होकर चली गयी मगर जाने से पहले उसने फायर अलार्म चला दिया वर्त्तमान शिक्षक की आत्मा-प्रशंसा को भंग करने के लिए।

बाद में उस भूतपूर्व महिला शिक्षक के तीनो बच्चे (शायद उसी के बच्चे ही थे ) अपनी माँ को खुश करने के लिए स्कूल कैंपस की ज़मीन को टाइम कैप्सूल की तलाश में खोदना शुरू करते हैं। शायद किसी विद्यार्थी ने उनकी माँ के लिए कुछ अच्छा लिखा हो। हालाँकि की ये एक बहुत बड़ा जोखिम/रिस्क था मगर चूँकि माँ के प्यार जैसा कोई प्यार नहीं होता, वो अपने काम में लगे रहे। ये बात अलग है कि अंत में वो तीनों ही पकडे गए और उन्हें सजा भी मिली। फिर से एक बार भूतपूर्र्व और वर्त्तमान शिक्षकों का आमना -सामना हुआ। वर्त्तमान शिक्षक खुद को भूतपूर्व शिक्षक के विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए पत्रों को पढ़ने से  रोक नहीं पायी। सभी ने भूतपूर्व शिक्षक के लिए बहुत ही निराशाजनक बाते लिखी थीं। मगर वो कहते हैं ना , किसी को इतना भी नहीं डराना चाहिए कि उसका डर ही ख़तम हो जाए (वैसे किसी ने नहीं कहा है मगर ये वक्तव्य मैंने मूवी मैरी कॉम से लिया है जिसमे प्रियंका चोपड़ा ने अभिनय किया है)। जहाँ वर्त्तमान शिक्षक भूतपूर्व शिक्षक की दुर्गति के मज़े ले रही थी , वहीँ उन्ही निरुत्साह  बातों ने भूतपूर्व शिक्षक को एक उम्मीद दी, एक बल दिया। ये सब तीनो बच्चे भी देख रहे थे।

वो वर्त्तमान शिक्षक के पास आयी और अपने पत्रों को दिखाते हुए बोली कि 'उसका जॉब विद्यार्थियों द्वारा पसंद या नापसंद किया जाना नहीं था वरन उसका काम था अपने विद्यार्थियों को सही शिक्षा देना और उनकी ज़िन्दगी हमेशा के लिए संवार देना'।  क्योंकि उसके पत्रों में व्याकरण सम्बंधित एक भी गलती नहीं थी। वहीँ वर्त्तमान शिक्षक के विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए पत्रों में बहुत सारी भूलचूक थी , एक बुरी शिक्षा का साफ़ साफ़ प्रमाण।

उन गलतियों से मुक्त पत्रों ने भूतपूर्व शिक्षक को सम्मान दिया, एक ऐसी शक्ति दी जिससे वो अपने आप को बेहतर समझ पायी। उसने अपने छोटे से मगर प्रभावी भाषण से वर्त्तमान शिक्षक को एकदम चुप करा दिया।

और वाक़ई! एक अच्छे शिक्षक का काम होता है अपने विद्यार्थियों को सही शिक्षा देना, एक अनुशासन में बांध देना और उनकी ज़िन्दगी को सही दिशा में ले जाना। ना कि पसंद या नापसंद होने पर ध्यान देना।  एक दर्शक के तौर पर मैं कह सकती थी कि वर्त्तमान शिक्षक के अंदर के सारा उत्साह कहीं ग़ुम हो गया था। 

इसी पोस्ट को इंग्लिश में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: Rising to the glory - a teacher's job

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